High Blood Pressure के घरेलू इलाज (High Blood Pressure Home Remedies)
हेलो दोस्तों आज हम बात करेंगे, हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) के घरेलू इलाज से कैसे ठीक किया जा सकता है। High Blood Pressure की बिमारी आजकल आम हो गयी हैं, इसका कारण हमारी बदलती हुई जीवनशैली या खराब खान-पान होता हैं, अच्छी नींद ना लेना, आनुवंशिकता या और भी कई कारण हो सकते हैं इस कारण हमे उच्च रक्तचाप की बिमारी हो जाती हैं जो अपने साथ कई और बीमारियों को भी लाती हैं।
हमारी ज़िन्दगी में सिर्फ दो ही चीज़े होती हैं एक तो तनाव दूसरी व्यस्तता जिसके कारण हम अपनी सेहत का ख्याल ठीक से नहीं रख पाते है। कई बार जो लोग बाहर काम करते वो बाहर का खान ही खाना प्रेफर करते हैं जिसके कारण कई प्रकार के रोगों का लग्न आम हो जाता हैं। हाई ब्लड प्रेशर के मुख्यतः तीन कारण होते है सबसे पहला कारण है मानसिक तनाव, दूसरा कारण है ह्रदय से जुडी किसी बीमारी की शुरुवात या कोई दिल से जुडी कोई बीमारी तीसरा कारण अस्थाई होता है जैसे गर्भावस्था में अधिकतर स्त्रियां उच्च रक्तचाप से पीड़ित होती हैं लेकिन प्रसव के बाद ज्यादातर मामलो में यह पूरी तरह ठीक हो जाता है । लंबे समय तक हाई बी.पी रहने से लकवा (अधरंग), ब्रेन हेमरेज, तथा ह्रदय को स्थाई नुकसान होने की सम्भावना रहती है।
यह बहुत जरुरी है की सबसे पहले हाई ब्लड प्रेशर के कारण को समझना चाहिए उसके बाद उसका सही उपचार लेना चाहिए। इसको आप कुछ ऐसे समझे की यदि किसी व्यक्ति को मानसिक तनाव से हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है तो उसका सही उपचार एक मनोवैज्ञानिक (Psychiatrist Doctor) के पास होगा। यदि उच्च रक्तचाप का कारण ह्रदय सम्बंधित कोई बीमारी है तो उसका सही इलाज हृदय रोग विशेषज्ञ ( Cardiologist ) के पास होगा। ज्यादातर मामलो में इस विषय पर भ्रांति बनी रहती है और कई उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीज लंबे समय तक हाई बी.पी की दवाइयां खाते रहते है, जबकि उनको कोई शारीरिक बीमारी नहीं होती है केवल स्ट्रेस होता है जो मानसिक स्वस्थ्य से जुडी एक समस्या है और यह केवल मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, योग अभ्यास, व्यायाम, उचित खानपान तथा कुछ प्राकृतिक आयुर्वेदिक उपाय के सहारे आसानी से काबू हो सकता है। तो चलिए आज जानते हैं कि, उच्च रक्तचाप की शिकायत वाले लोगों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।
नोट : दिए गए घरेलू उपचार सदियों से चलते आ रहे हैं. लेकिन, आप बिना डॉक्टर के परामर्श के इसे न अपनाएं.
हमारी ज़िन्दगी में सिर्फ दो ही चीज़े होती हैं एक तो तनाव दूसरी व्यस्तता जिसके कारण हम अपनी सेहत का ख्याल ठीक से नहीं रख पाते है। कई बार जो लोग बाहर काम करते वो बाहर का खान ही खाना प्रेफर करते हैं जिसके कारण कई प्रकार के रोगों का लग्न आम हो जाता हैं। हाई ब्लड प्रेशर के मुख्यतः तीन कारण होते है सबसे पहला कारण है मानसिक तनाव, दूसरा कारण है ह्रदय से जुडी किसी बीमारी की शुरुवात या कोई दिल से जुडी कोई बीमारी तीसरा कारण अस्थाई होता है जैसे गर्भावस्था में अधिकतर स्त्रियां उच्च रक्तचाप से पीड़ित होती हैं लेकिन प्रसव के बाद ज्यादातर मामलो में यह पूरी तरह ठीक हो जाता है । लंबे समय तक हाई बी.पी रहने से लकवा (अधरंग), ब्रेन हेमरेज, तथा ह्रदय को स्थाई नुकसान होने की सम्भावना रहती है।
यह बहुत जरुरी है की सबसे पहले हाई ब्लड प्रेशर के कारण को समझना चाहिए उसके बाद उसका सही उपचार लेना चाहिए। इसको आप कुछ ऐसे समझे की यदि किसी व्यक्ति को मानसिक तनाव से हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है तो उसका सही उपचार एक मनोवैज्ञानिक (Psychiatrist Doctor) के पास होगा। यदि उच्च रक्तचाप का कारण ह्रदय सम्बंधित कोई बीमारी है तो उसका सही इलाज हृदय रोग विशेषज्ञ ( Cardiologist ) के पास होगा। ज्यादातर मामलो में इस विषय पर भ्रांति बनी रहती है और कई उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीज लंबे समय तक हाई बी.पी की दवाइयां खाते रहते है, जबकि उनको कोई शारीरिक बीमारी नहीं होती है केवल स्ट्रेस होता है जो मानसिक स्वस्थ्य से जुडी एक समस्या है और यह केवल मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, योग अभ्यास, व्यायाम, उचित खानपान तथा कुछ प्राकृतिक आयुर्वेदिक उपाय के सहारे आसानी से काबू हो सकता है। तो चलिए आज जानते हैं कि, उच्च रक्तचाप की शिकायत वाले लोगों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।
हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए (What to Eat in High Blood Pressure):-
नारियल पानी (Coconut Water):-
हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए नारियल पानी काफी फायदेमंद है। यह सिस्टोलिक दाब को कम करता है। इसके लिए दिन में 1 बार नारियल पानी जरूर पीएं। खाली पेट पीने से ज्यादा फायदा मिलता है।लहसुन (Garlic):-
लहसुन में एलीसिन होता है जो एंगीओटेंसीन की हर प्रतिक्रिया को रोक देता है, और इससे यह आपके हाई ब्लड प्रेशर को लोअर करता हैं। जिससे यह कंट्रोल में आ जाता है। लहसुन में पॉलीसल्फाइड भी होता है, जो हाइड्रोजन सल्फाइड में बदल जाता है जिसे रेड ब्लड सेल्स बदलती है, हाइड्रोजन सल्फाइड, हमारी ब्लड वेसेल्स को फैला देती है। और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है।चुकंदर (Sugar Beets):-
चकुंदर में नाइट्रिक ऑक्साइड हमारे बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कर सकता है. इसमे विटामिन सी, पोटेशियम, फाइबर और आयरन की मात्रा भी पायी जाती है। यह हमारे शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाने के अलावा रक्त संचार को भी बेहतर करती है।प्याज (Onion):-
कच्चा प्याज उच्च रक्तचाप को सामान्य करने में मददगार है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को घटाता है. इसमें मौजूद मिथाइल सल्फाइड और अमीनो एसिड खराब कोलेस्ट्रॉल को घटा कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मददगार साबित होता है।नींबू (Lemon):-
हाई ब्लड प्रेशर होने पर नींबू पानी काफी फायदेमंद है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम रहती हो वे सुबह खाली पेट 1 गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ कर पीएं या फिर दोपहर के खाने के बाद 1 गिलास नींबू पानी पीएं।पत्तेदार सब्ज़ियां (Leafy vegetables):-
पत्तेदार सब्ज़ियों में पोटैशियम पाया जाता है। ये शरीर से सोडियम को बाहर निकालने में मदद करता है। अधिक सोडियम उच्च रक्तचाप का कारण बनता है. इसलिए जितना हो सके उतनी हरी पत्तेदार सब्ज़ियां खाएं।ग्रीन टी (Green Tea):-
विशेषज्ञों की मानें तो ग्रीन टी कई मायनों में हाई ब्लड प्रेशर में फायदेमंद साबित होता है। यह मोटापा को भी कम करता है।फैटी फिश (Fatty fish):-
सेलमन, मैकेरल, हिलसा और टूना मछली में ओमेगा-3-फैटी एसिड पाया जाता है। इनका सेवन करने से शरीर में आई सूजन को कम किया जा सकता है। इन मछलियों में भरपूर मात्रा में विटामिन-डी पाया जाता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि ओमेगा-3 में DHA पाया जाता है, जो शरीर की कोशिकाओं में वोल्टेज-गेटेड चैनल को सक्रिय करता है, जो सोडियम को जड़ से खत्म कर देता है। साथ ही शोध में यह भी पाया गया है कि फैटी फिश का सेवन करने से न सिर्फ वजन कम होता है, बल्कि सिस्टोलिक व डायस्टोलिक रक्तचाप में भी कमी आती है।अजवाइन(Celery):-
अपने खानपान में अजवाइन को शामिल करने या पानी में अजवाइन को खौलाकर वह पानी पीने से हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद मिलती है। अजवाइन के दानों में थाइमोल पाया जाता है, जो ब्लड वेसेल में कैल्सियम को जमने से रोकने का काम करता है। इससे वेसेल तंग नहीं होती जिससे कि हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद मिलती है।इलायची(Cardamom):-
एक शोध में सामने आया है कि इलायची में मौजूद फाइटोन्यूट्रीएंट्स शरीर से ज़्यादा मात्रा में मूत्र बहाव करके खून के बहाव को संतुलित बनाए रखने में मदद करते हैं जिससे ब्लड प्रेशर सामान्य बना रहता है। आप इसे चाय में दाल सकते हैं या खाना बनाते वक़्त मसाले के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं, या फिर रोज़ इलायची दाने छिलके सहित यूं ही चबा सकते हैं।हाई ब्लड प्रेशर में क्या नहीं खाना चाहिए (What not to Eat in High Blood Pressure):-
मदिरा सेवन ना करें (Do not Drink Alcohol):-
शराब हाई ब्लड प्रेशर को और ज्यादा बढाती है इसलिए अगर आप शराब पीने के आदि हैं तो इसका सेवन बंद करें। इस बात का ख़ास ख्याल रखें की एक साथ लगातार 4-5 ड्रिंक ना लें वरना आपका ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है।इस बात का भी ख्याल रखें की अगर आप रोज शराब पीने के आदि हैं तो अचानक शराब ना छोड़ें क्योंकि ऐसे में आपका ब्लड प्रेशर कई दिन तक बढ़ा रह सकता है। इसके लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।अचार (Pickle):-
अचार में नमक की मात्रा अधिक होती है, और नमक में सोडियम की. इसलिए अचार खाने से बचें।अंडे के पीले भाग को ना खाएं (Do not Eat the Yellow Egg):-
अगर आपको हाई BP है और अगर आप अंडे का सेवन करते हैं तो ध्यान रखें अंडे की जर्दी जो की अंडे का पीला हिस्सा होता है उसे ना कहें क्योंकि उसमे काफी अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रॉल होता है जो हाई ब्लड प्रेशर के लिए नुकसानदायक है।आइसक्रीम ना खाएं (Do not Eat Ice Cream):-
शायद आपको पता ना हो लेकिन आइसक्रीम में हैमबर्गर से भी ज़्यादा कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है इसलिए हाई BP होने पर आइसक्रीम से दूर रहें।मांस और चिकन ना खाएं (Do not Eat Meat and Chicken):-
वैसे चिकन में वसा की मात्रा बहुत कम होती है लेकिन इसे पकाने के बाद इसमें कोलेस्ट्रॉल और फैट की मात्रा बढ़ जाती है जो हाई ब्लड प्रेशर में बहुत नुकसानदायक है। तो अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं तो जहाँ तक हो सके मांस और चिकन से परहेज करें।नोट : दिए गए घरेलू उपचार सदियों से चलते आ रहे हैं. लेकिन, आप बिना डॉक्टर के परामर्श के इसे न अपनाएं.
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