करेले जूस के अद्भुत फायदे (Amazing Benefits of Bitter Gourd Juice)

करेले का स्वाद जितना कड़वा है, उससे कहीं ज्यादा गुणकारी है।  ऐसा कहा जाता है, कि करेला खाने वाले को कई बीमारियां नहीं होतीं।  चिकित्सीय विज्ञान में इसका औषधीय महत्व भी बताया गया है। करेला का प्रयोग गई दवाईयों को तैयार करने में किया जाता है।  यह रक्तशोधक सब्जी है।  यहीं कारण है कि प्रतिदिन करेला का सेवन करने से या इसका जूस पीने से बहुत सी स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। करेला में मौजूद पोषक तत्वों (Karela Nutrition) की जानकारी अधिकांश लोगों को है ही नहीं। इस कारण अनेक लोग इसका प्रयोग नहीं कर पाते। आयुर्वेद के अनुसार, करेला मधुमेह (डायबिटीज) के साथ-साथ कई और रोगों में भी लाभ पहुंचाता है। अगर आप कड़वेपन के कारण करेला का उपयोग नहीं करते हैं तो, मैं आपको यह विश्वास दिलाता हूं कि इस जानकारी के बाद आप भी करेला से फायदा लेने लगेंगे। आगे पढ़िए करेला का सेवन से होने वाले फायदे और यह किन-किन बीमारियों के उपचार में सहायक है।

करेले जूस के अद्भुत फायदे

डायबिटीज (Diabetes):-  

 करेले का यह स्वास्थ्य लाभ विश्व-भर में प्रचलित है। यह रक्त में शर्करा के स्तर को प्रभावित करके उसे कम करने में सहायता करता है। इसके अलावा इसमें चरन्तीं (charantin), विसीने (vicine) and पॉलीपेप्टाइड-पी (polypeptide-p) नामक तीन सक्रिय यौगिक होते हैं जो मधुमेह को रोकने में मदद करते हैं। यह पैंक्रियास के इन्सुलिन उत्पादन को बढ़ाता है और इन्सुलिन प्रतिरोध से भी बचाव करता है।  हरी सब्जियों की मदद से शरीर में कई पोषक तत्वों की पूर्ति आसानी से की जा सकती है. करेला भी उन्हीं हरी सब्जियों में से एक है।  जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है।  करेले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं।  जिनकी मदद से कई बीमारियों से निजात पाई जा सकती है।  करेले के सेवन से इम्यून सिस्टम को भी मजबूती प्रदान की जा सकती है। इसकी यह खूबी इसे टाइप-1 एवं टाइप-2 दोनों ही प्रकार के मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद बनाती है।

पीलिया (Jaundice):-

  पीलिया एक नामुराद रोग है। यह बिगड़ जाए तो जानलेवा भी हो सकता है। अतः इसका समय रहते इलाज ज़रूरी है। करेले को पीसकर रस निकालें। रस को छाने व रोगी को प्रातः तथा सायं पिलाएँ। उसे जल्दी आराम मिलेगा।

गठिया रोग (Arthritis):- 

 करेले का रस गरम करके लेप करे तथा खाने में सब्जी का प्रयोग करते रहने से जोड़ो का दर्द जल्दी ठीक हो जाता है।

कैंसर से बचाव (Cancer Prevention):- 

 कैंसर (Cancer) से ग्रस्त व्यक्तियों को करेला का सेवन करना बहुत फायेदमंद होता है। करेला में एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी-बायोटिक जैसे गुण होते है। जो कैंसर के लक्षणो को कम करता है और कैंसर से बचाव करने में मदद करता है।

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कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए (Lowers Cholesterol):- 

 करेले का जूस सूजन-रोधी यानी एंटीएंफ्लेमेटरी गुणों से भरा होता है, जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे को काफी कम कर सकते हैं. करेले का जूस ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करने में मददगार हो सकता है, क्योंकि यह पोटेशियम से भरपूर होता है, जो शरीर में अत्यधिक सोडियम को अवशोषित करता है. यह आयरन और फोलिक एसिड से भरपूर होता है, जो स्ट्रोक के खतरे को कम करने और आपके दिल को स्वस्थ रखने के लिए जाना जाता है।

लिवर या पेट की गडबड़ी (Liver or Stomach Upset):- 

 खान पान की अतिशयता , या अनिमियत आदि से प्रायः हम लोगो के पाचन क्रिया में गड़बड़ी होने के करण पेट में गैस बन जाती है।  इस लिए हमें  थोड़ा -थोड़ा करेले का जूस पिते रहने से हमारा पेट ठीक हो जाता है। और साथ ही साथ भूख भी लगने लगती है। शरीर में स्फूर्ति रहती है, कब्ज की समस्या भी ख़त्म हो जाती है। जैसे की छोटे बच्चो में कीड़े हो जाते है तो करेले का जूस इससे भी निजात दिला देता है।

खूनी बवासीर  (Bloody Piles):- 

 यह खूनी बवासीर में भी आराम देता है। करेले के रस में मीठा (शर्करा) मिलकर रोगी को रोगानुसार एक -एक चम्मच दिन में दो या तीन बार पिलाते रहने से बवासीर से  खून निकलना रुक जाता है। और रोग धीरे -धीरे ठीक होने लगता है।

दमा रोग (Asthma) :-  

करेले का सेवन करना तथा इसके रस का पान दमा रोगी के लिए बड़ा हितकारी है। करेला एक ऐसी अनुपम सब्जी है, जो अनेक रोगों को दूर करता है, अतः इसे आजमाएँ।

 शूल / पेट-दर्द (Colic):- 

 पेट-दर्द में करेले का रस लेना लाभदायक है | इसके साथ ही दूध, परवल, सहजन, बैंगन, द्राक्षा, काला नमक, जौ की लप्सी, पुराने चावल का भात तथा हींग विशेष हितकर हैं।

चर्म रोग (Skin Disease):-

  रक्तविकार हो जाने से कई चर्म रोग सिर उठा लेते हैं। यदि ऊपर बताए तरीके से रक्त की शुद्धि कर लें तो चर्म रोगों से बचा जा सकता है।

बालों के लिए (For Hair):- 

 करेले का जूस आपके बालों के लिए भी बहुत अच्छा है. करेले के जूस में  करेले में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, बी और सी भरपूर मात्रा में होते हैं.जो आपके बालों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

त्वचा के लिए (To Skin):- 

सिर्फ सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि त्वचा के लिए भी करेला लाभकारी हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित खरगोशों पर किए गए एक शोध के अनुसार, करेले का अर्क युक्त स्किन क्रीम घावों के लिए असरदार साबित हो सकती है। अध्ययन में जिन खरगोशों पर इस क्रीम का इस्तेमाल किया गया, उनके घावों में तेजी से सुधार होता देखा गया। यह शोध जानवरों पर किया गया है, मनुष्य पर इसके प्रभाव के लिए अभी और अध्ययन की आवश्यकता है।

आँखों के लिए  (Eye Diseases) :-

 करेले में विटामिन A होता हैं इसलिए यह आँखों के लिए बहुत लाभकारी हैं | इसके इस्तेमाल से रतौंधी जैसे रोग ठीक होते हैं ऐसा रोग जिसमे रोगी को दिन ढलते ही बहुत कम दीखता हैं | करेले को काली मिर्च के साथ लेने से यह आँखों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता हैं |

हृदय रोगियों (Heart Patient ):-

 करेले के सेवन से कॉलेस्ट्रोल कम होता हैं और ब्लड शुगर लेवल भी नियंत्रित रहता हैं | यह दोनों ही कारक हृदय रोगियों के लिए फायदेमंद हैं | इसके सेवन से हार्ट अटैक जैसे खतरे रोगियों से दुरी बनायें रखते हैं |

करेले जूस के नुकसान (Loss of Bitter Gourd Juice)


 1. करेला खरीदते समय, ताजा और गहरइ हरे रंग का करेला ही चुनें। जिन करेलों पर पीले या नारंगी रंग के धब्बे हो या फिर नरम स्थल हो उन्हें खरीदने से बचें।

2. हमेशा करेले की सब्जी या फिर इसका जूस बनाने से पहले करेले को अच्छी तरह से ठन्डे पानी से धो लें।

3. करेले की कड़वाहट को कम करने के लिए, 10 मिनट के लिए नमक के पानी में करेले के टुकड़े भीगने के लिए छोड़ दें और फिर खाना पकाने के लिए इसका इस्तेमाल करें।

4. करेले के जूस के स्वाद में सुधार करने के लिए, आप इसमें शहद, गाजर या सेब का रस मिला सकते हैं।

5. एक दिन में अधिक से अधिक 2 या 3 करेल का ही उपभोग करना चाहिए। इसके अत्यधिक सेवन से पेट में हल्का दर्द या दस्त हो सकता है।

6. गर्भवती महिलाओं को बहुत ज्यादा करेला खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह समय से पहले ही शिशु-जन्म का कारक बन सकता है। 

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