OCD क्या होता है ? पूरी जानकारी (What is OCD)

नमस्ते दोस्तों आज हम बात करेंगे OCD के बारे की OCD क्या होता है ,और इसके क्या क्या लक्षण होते है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसकी वजह से रोगी के दिमाग में तर्कहीन और ख़राब विचार आते हैं, लेकिन वो इस विचार को त्याग पाने में समर्थ नहीं हो पाता है। रोगी जानता है, कि वो जो सोच रहा है वो ख़राब है लेकिन दिमाग में मच रहा तूफान उस तर्कहीन और ख़राब विचार के अनुरूप काम करने के लिए उसे मजबूर करता है। कुछ लोगों को किसी काम या आदत की धुन इस कदर सवार होती है कि वह सनकीबन जाती है और बीमारी का रूप ले लेती है। इससे उनकी लाइफ पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे लोग ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसॉर्डर (ओसीडी) से पीड़ित होते हैं। दिक्कत यह है कि ज्यादातर लोग यह मानने को तैयार नहीं होते कि उन्हें ऐसी कोई समस्या है। हालांकि अगर वे वास्तविकता को स्वीकार कर लें, तो इलाज काफी आसान हो जाता है।

OCD क्या होता है ?

यह एक चिंता करने वाली बीमारी है, जिसमें पीड़ित शख्स किसी बात की जरूरत-से-ज्यादा चिंता करने लगता है। एक ही जैसे अनचाहे ख्याल उसे बार- बार आते हैं। और एक ही काम को बार-बार दोहराना चाहता है। ऐसे लोगों को सनकीवाले ख्याल आते हैं ,और अपने बिहेवियर पर कोई कंट्रोल नहीं होता। ऐसे मरीज़ न खुद को रोक पाते हैं, न ही बेफिक्र रह पाते हैं। ओसीडी से दिमाग किसी एक ख्याल या काम पर अटक जाता है। ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर ( Obsessive Compulsive Disorder) से ग्रसित व्यक्ति एक ही काम को बार बार करता है।  उदाहरण के तौर पर जैसे वो घर में ताला लगाने के बाद उसे बार बार चेक करता है, कि कहीं ताला खुला तो नहीं रह गया।  मसलन, यह कन्फर्म करने के लिए कि गैस बंद है या नहीं, आप 20 बार स्टोव की नॉब चेक करते हैं। तब तक हाथ धोते रहते हैं, जब तक कि वह छिल न जाए या आप तब तक गाड़ी भगाते रहते हैं, जब तक कि आपको यह संतुष्टि न हो जाए कि जिस शख्स ने पीछे से हॉर्न दिया था, वह पीछा तो नहीं कर रहा। इंसान ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर ( Obsessive Compulsive Disorder) से ग्रसित है।


OCD क्यों होता है? (Why Does OCD Happen):-

OCD होने हा मुख्य कारण है मष्तिष्क (Brain) में कुछ खास किस्म के रसायनों (chemicals) के level में गड़बड़ी होना है, जैसे कि सेरोटोनिन (Serotonin) आदि। रिसर्च मे पाया गया है की OCD एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी मे आता है। अगर किसी के माता पिता को OCD है तो उनके बच्चो को भी OCD होने की संभावना होती है। अगर कोई इंसान  साफ सफाई मे बहुत ज्यादा ध्यान देता है  या हर काम को Perfection से करता है और ऊँचे नैतिक सिद्धान्तों वाले इंसान हैं तो उसे OCD होने की ज्यादा सम्भावना होती है।

OCD कब शुरू हो सकता है? (When Can OCD Start):- 

 Obsessive Compulsive Disorder किसी भी इंसान को किसी भी उम्र मे हो सकता है। लक्षण (Symptoms) समय के साथ आ और जा सकते है। इस बीमारी का पहला पड़ाव है 10 से 12 साल के बच्चों का और दूसरा  20-25 साल पर शुरू हो जाता है। आंकड़ों पर गौर करें  तो लगभग हर 50 में से एक इंसान को अपनी ज़िंदगी में ओसीडी हो सकता है। यानि ये इतनी Uncommon Problem नहीं है, और अगर Unfortunately आपको या आपके किसी जानने वाले को है तो इसमें शर्म कि कोई बात नहीं, बस किसी भी और बिमारी की तरह इसका इलाज कराने की ज़रूरत है।

वहीँ जिन्हें ये बिमारी नहीं है उन्हें भी OCD से ग्रसित लोगों को अलग नज़र से नही देखना चाहिए, ये तो बस Chemical Disbalance का रिजल्ट है और ये कल को किसी के साथ भी हो सकता है!


OCD के लक्षण (Symptoms of OCD):-


ओसीडी की परेशानी अधिकतर किशोरवस्था में शुरू होती है . लड़कों को यह अपेक्षाकृत थोड़ा जल्दी भी हो सकती है ।

1. ओसीडी का कोई पुख्ता कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन कुछ लोगों को इन कारणों से यह परेशानी हो सकती है ।

2. अनुवांशिकता यानि माता पिता या भाई बहन किसी को होने पर इसके होने की सम्भावना बढ़ जाती है ।

3.  सिरोटोनिन Serotonin नामक हार्मोन के असंतुलन के कारण ओसोडी हो सकता है ।

4. किसी नई जिम्मेदारी के बोझ या तनाव जैसे नौकरी या अन्य पारिवारिक जिम्मेदारी के कारण ओसीडी हो सकता है ।

5. कुछ लोग में स्वाभाविक रूप से ज्यादा ही साफ सुथरे, सतर्क रहने या हर काम की जिम्मेदारी लेने की भावना होती है. ऐसे लोगों को ओसीडी हो सकता है ।

6.  जिन लोगों को शारीरिक या यौन सम्बन्धी पीड़ा झेलनी पड़ी हो उन्हें ओसीडी होने का खतरा अधिक होता है ।

7. किसी गहरे सदमे के कारण इसके लक्षण उभर सकते हैं ।


OCD से होने वाले नुकसान (OCD Losses):-


दोस्तों OCD कोई घातक बीमारी नहीं है, ये बीमारी किसी को भी, किसी भी उम्र में हो सकती है। पर इसमें इंसान पूरी तरह टूट सा जाता है। इसकी समस्याएं इसके स्तर पर निर्भर करती हैं। OCD से होने वाली निम्न समस्याएं हैं।  जैसे -
1. सिर दर्द होना।

2. हर वक्त सोचते रहने के कारण, बालों का भी अधिक झड़ना

3. डिप्रेशन।

4. आंखो का जलना वा दर्द होना।

5. बार-बार हांथ धुलने के कारण, हंथो का चर्मरोगल।

6. हर समय सोचते रहने के कारण एकाग्रता ना बनपना, आदि।


नोट:- अगर आपको या आपके किसी अपने को ओसीडी है, तो अपने डॉक्टर को होर्डिंग के लक्षणों, कबाड़ को फेंकने में कठिनार्इ या चीजों के नुकसान को लेकर दिखने वाले ऑब्सेशन के बारे में जरूर बताएं।

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